रिपोर्टर: सचिन कुमार
हरेला पर्व के पावन अवसर पर उत्तराखंड के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास परिसर में धर्मपत्नी निर्मला जोशी के साथ फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और हमारी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत बनाने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रत्येक नागरिक पौधरोपण को अपनी जिम्मेदारी समझे और लगाए गए पौधों की देखभाल करे, तो प्रदेश को और अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाया जा सकता है।
कृषि मंत्री ने लोगों से प्रधानमंत्री के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़ने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे हरेला पर्व के दौरान चल रहे पौधरोपण अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और केवल पौधे लगाने तक ही सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें सुरक्षित और विकसित भी करें। उनका कहना था कि यही प्रयास उत्तराखंड की हरित पहचान को और मजबूत बनाएगा।
हरेला पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व प्रकृति संरक्षण, हरियाली और पर्यावरण संतुलन का संदेश देता है तथा लोगों को पेड़-पौधों के महत्व के प्रति जागरूक करता है।



