Wednesday, October 21, 2026
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कुमाऊं विश्वविद्यालय में कुलपति और संकायाध्यक्षों के साथ हुई उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार पर चर्चा

रिपोर्ट : ललित जोशी

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने सरोवर नगरी नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में कुलपति एवं विभिन्न संकायाध्यक्षों के साथ बैठक कर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालयों की मुख्य धुरी हैं और शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्य ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करने की भी है।

उन्होंने विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार समर्पित और प्रेरित शिक्षक होते हैं। साथ ही उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों (अल्मुनी) को विश्वविद्यालयों की बड़ी शक्ति बताते हुए उनके अनुभव और सहयोग को संस्थान के विकास से अधिक प्रभावी रूप से जोड़ने पर जोर दिया।

बैठक के दौरान राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा, नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम समयानुकूल, रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक होना चाहिए, ताकि विद्यार्थी नेतृत्व क्षमता, नवाचार और समस्या समाधान जैसे कौशलों में भी दक्ष बन सकें।

उन्होंने विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप, प्रयोगात्मक शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।

राज्यपाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों और उसके पूर्व नेतृत्व द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना करते हुए इस उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इसके अलावा उन्होंने रसायन विज्ञान विभाग द्वारा नैनीताल झील के जलीय जीवन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़े प्रयासों की भी प्रशंसा की।

उन्होंने विश्वविद्यालय की नौसेना एनसीसी (Naval NCC) की अनुशासनात्मक गतिविधियों और योगदान को भी सराहा। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को युवाओं में राष्ट्रहित, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार की भावना विकसित करते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

बैठक में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचार और विकास कार्यों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा सहित विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

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