विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आप सभी सम्मानित साथियों का आह्वान करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। आज जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रही है, तब हमें अपने स्तर पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इस समस्या का सबसे सरल और प्रभावी समाधान है—वृक्षारोपण।
हम सभी को वर्ष में कम से कम पांच अवसरों पर पौधारोपण करने का संकल्प लेना चाहिए। जैसे—अपने जन्मदिन पर, वैवाहिक वर्षगांठ पर, माता-पिता के जन्मदिन या उनकी वर्षगांठ पर, बच्चों के जन्मदिन पर या किसी प्रियजन की पुण्यतिथि पर। यह न केवल प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर पर्यावरण भी सुनिश्चित करता है।
पिछले कई वर्षों से हम इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं और आज उसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। ग्वालियर के उदयपुर मुरार स्थित नीम-शीशम पर्वत पर्यटन स्थल पर लगभग 20,000 पेड़ों का एक शानदार मानव निर्मित जंगल विकसित किया गया है। यहां नीम और शीशम के वृक्षों की हरियाली के बीच प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया जा सकता है। साथ ही, देशी चूल्हे पर बना पारंपरिक और स्वादिष्ट भोजन इस अनुभव को और भी खास बना देता है।
बड़े शहरों की भागदौड़ और चकाचौंध से दूर, अपने गांव की मिट्टी और पेड़ों की छांव में जो सुकून मिलता है, उसका कोई मुकाबला नहीं। मैंने अपने जीवन के 35 वर्ष Border Security Force, Special Protection Group और Commonwealth Games 2010 जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों में बिताए हैं, लेकिन जो संतोष आज अपने गांव में प्रकृति के बीच मिल रहा है, वह अनमोल है।
मैं विशेष रूप से सभी सेवानिवृत्त साथियों से आग्रह करता हूं कि अब समय है अपने गांव और समाज की सेवा करने का। आइए, हम सब मिलकर वृक्षारोपण को एक जन आंदोलन बनाएं और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौती का डटकर सामना करें।
हमारे यहां वृक्षारोपण के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आप इस अभियान में आसानी से भाग ले सकते हैं।
आइए, प्रकृति के साथ जुड़ें और एक हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं।
रिपोर्ट: जयेन्द्र सिंह राणा


