संवाददाता: सचिन कुमार
उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने देहरादून में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई इस कार्रवाई में आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार दुबई से संचालित प्रतिबंधित महादेव एप और रेडीबुक बैटिंग एप से जुड़े पाए गए हैं।
बसंत विहार में चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क
मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों के तहत राज्य को अपराध मुक्त बनाने के अभियान में पुलिस लगातार संगठित अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र में आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी की सूचना मिलने पर एसएसपी देहरादून और एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में संयुक्त टीम का गठन किया गया।
07 मई 2026 की रात पुलिस और एसटीएफ की टीम ने ऋषि विहार कॉलोनी स्थित एक किराये के फ्लैट पर छापा मारकर ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया। मौके से 5 आरोपियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आईपीएल मैचों में सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया गया।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए जा रहे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए। बरामद सामान में शामिल हैं:
- 03 लैपटॉप
- 17 मोबाइल फोन
- 22 एटीएम कार्ड
- एयरटेल वाई-फाई कनेक्शन
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना बसंत विहार में धारा 3/4 जुआ अधिनियम 1867 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दुबई से मिलती थी आईडी और पासवर्ड
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे रेडीबुक बैटिंग एप के जरिए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते थे। एप की यूजर आईडी और पासवर्ड उन्हें सुमित यादव नामक व्यक्ति उपलब्ध कराता था, जो दिल्ली-गुरुग्राम क्षेत्र में रहता है। आरोपियों के अनुसार, यह एक्सेस दुबई से संचालित नेटवर्क के जरिए मिलता था।
गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से ग्राहकों को जोड़ता था। ग्राहकों से बैंक खातों में पैसे जमा करवाने के बाद उन्हें ऑनलाइन सट्टा खेलने की सुविधा दी जाती थी।
महादेव एप से जुड़े मिले तार
जांच में यह भी सामने आया कि सुमित यादव पहले महादेव बैटिंग एप और उसके संचालक सौरभ चंद्राकर से जुड़ा रहा है। भारत में महादेव एप पर प्रतिबंध लगने के बाद उसने रेडीबुक बैटिंग एप के जरिए नेटवर्क संचालित करना शुरू किया।
पुलिस को जानकारी मिली है कि महादेव एप और रेडीबुक बैटिंग एप दोनों को भारत में प्रतिबंधित किए जाने के बाद इनके संचालक दुबई से नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं। मामले में वित्तीय लेन-देन और अन्य नेटवर्क से जुड़े लोगों की भी जांच की जा रही है।
किराये के फ्लैट से चल रहा था पूरा ऑपरेशन
पुलिस जांच में सामने आया कि जिस फ्लैट से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, वह अंकित कुमार निवासी मोहम्मदपुर इमलीखेड़ा, तहसील रुड़की, जिला हरिद्वार का है। यह फ्लैट सुमित यादव द्वारा आरोपियों को किराये पर दिलवाया गया था। पुलिस के अनुसार, सुमित यादव बीच-बीच में देहरादून आकर फ्लैट में रुकता भी था।
फिलहाल पुलिस सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। साथ ही ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।


