रिपोर्टर: अश्वनी दीक्षित
सितारगंज के नजदीक स्थित नए गांव में पीलिया (जॉन्डिस) का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। गांव के कई लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता और भय का माहौल बना हुआ है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व विधायक नारायण पाल ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और अनशन पर बैठने की चेतावनी दी। उनकी इस चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया और मेडिकल टीम को गांव भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू कर दिया है। चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप यादव ने जानकारी दी कि गांव से लिए गए पानी के सैंपल की जांच में कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है।
डॉ. यादव के अनुसार, यह बैक्टीरिया आमतौर पर मनुष्य और जानवरों के पाचन तंत्र तथा मल-मूत्र में पाया जाता है। यदि यह दूषित पानी या भोजन के जरिए शरीर में प्रवेश करता है, तो पेट में गंभीर संक्रमण हो सकता है। इससे पीलिया सहित कई अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों से अपील की है कि वे केवल उबला हुआ या स्वच्छ पानी ही पिएं। साथ ही, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि बीमारी के प्रसार को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके।


