रिपोर्ट: आसिफ इक़बाल
रामनगर तराई पश्चिमी वन प्रभाग की टीम ने वर्षों से फरार चल रहे शातिर वन अपराधी और 23 मुकदमों के आरोपी लखविंदर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। वन विभाग इस कार्रवाई को अपनी बड़ी सफलता मान रहा है। आरोपी लंबे समय से वन विभाग की गिरफ्तारी से बचता आ रहा था और उस पर बहुमूल्य पेड़ों की अवैध कटाई तथा लकड़ी तस्करी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
वन विभाग के अनुसार, भारतीय वन अधिनियम की धारा-26 के तहत लखविंदर अपने दो साथियों के साथ दो आरे लेकर गुलजारपुर बीट के प्लॉट संख्या-2 स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध पातन की नीयत से प्रवेश कर रहा था। उसकी गतिविधियों की गोपनीय सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने पहले से जाल बिछाकर घेराबंदी की और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसके दो अन्य साथी मौके से फरार होने में सफल रहे।
यह कार्रवाई प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद्र आर्य और उप प्रभागीय वनाधिकारी किरण साह के निर्देशन में वन क्षेत्राधिकारी शेखर चंद्र तिवारी के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम द्वारा की गई।
वन क्षेत्राधिकारी शेखर चंद्र तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी लखविंदर, ग्राम गोबरा, तहसील बाजपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर का निवासी है। उसके खिलाफ वर्ष 2020 से 2022 और वर्ष 2026 तक कुल 23 वन अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सागौन, शीशम और खैर जैसे बहुमूल्य पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी से जुड़े कई गंभीर मामले शामिल हैं।
वन विभाग का कहना है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों और वन अपराधियों के बीच कड़ा संदेश गया है। विभाग अब आरोपी के पूरे आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रहा है। गिरफ्तार आरोपी को भारतीय वन अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसके साथ ही लखविंदर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए भी उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



