रिपोर्टर: सचिन कुमार
उत्तराखंड विधानसभा के एक दिन के विशेष सत्र को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। महिला आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए इस सत्र को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसके उद्देश्य पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि इस विशेष सत्र का मकसद स्पष्ट नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री तक को सत्र बुलाने की ठोस वजह नहीं बताई गई। उनके मुताबिक, यह सत्र केवल औपचारिकता बनकर रह गया।
प्रतिमा सिंह ने कहा, “कांग्रेस लगातार महिला आरक्षण समेत कई मुद्दों को लेकर सड़क पर संघर्ष कर रही है, जिससे सरकार दबाव में है। यही कारण है कि यह सत्र बिना किसी ठोस एजेंडे के बुलाया गया।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव तक नहीं ला सकी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे अहम मुद्दों पर भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
कांग्रेस ने पलायन, महिलाओं के अधिकार और रोजगार जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा। पार्टी का कहना है कि जनता के पैसे से बुलाए गए इस विशेष सत्र से कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के पास अपने कामकाज का रिपोर्ट कार्ड नहीं है, इसलिए वह पुराने मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।


