रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून: नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में उत्तराखंड के बेहतर प्रदर्शन ने राज्य सरकार को नई उपलब्धि का अवसर दिया है। सरकार ने इसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लागू की गई विकास योजनाओं, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन का परिणाम बताया है। रिपोर्ट में उत्तराखंड को पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में पहला तथा देशभर में 11वां स्थान मिलने को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना गया है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि सीमित संसाधनों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड ने विकास की नई मिसाल पेश की है। सरकार के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और डिजिटल सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में लगातार सुधार हुआ है, जिसका असर अब राष्ट्रीय स्तर की रिपोर्टों में भी दिखाई देने लगा है।
रिपोर्ट में राज्य की श्रम बल भागीदारी दर राष्ट्रीय औसत से करीब 25 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है। सरकार का मानना है कि यह बढ़ते रोजगार अवसरों, स्वरोजगार योजनाओं और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का परिणाम है। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने में भी मदद मिली है।
सरकार ने यह भी दावा किया कि सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को आसान और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं। इससे नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और राज्य में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है। उत्पादन इकाइयों को बेहतर वित्तीय सहायता मिलने से औद्योगिक विकास को भी गति मिली है।
नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में भी उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से 28 प्रतिशत अधिक पेटेंट दर्ज कराए हैं। वहीं साइबर अपराध की कम दर को सरकार ने मजबूत कानून-व्यवस्था और डिजिटल सुरक्षा तंत्र की सफलता बताया है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में विकास की इस रफ्तार को और तेज किया जाएगा।



