रिपोर्ट: सचिन कुमार
उत्तराखंड की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इन दिनों अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर असमंजस में दिखाई दे रही है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष Ganesh Godiyal को कार्यभार संभाले छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नई कार्यकारिणी का ऐलान नहीं हो पाया है।
वहीं, पुरानी जंबो कार्यकारिणी अब भी अस्तित्व में है, जिसे संभालना पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बनता जा रहा है। कांग्रेस संगठन की इसी अंदरूनी माथापच्ची पर हमारी यह विशेष रिपोर्ट।
कांग्रेस की “सेना” अब तक अधूरी
उत्तराखंड कांग्रेस के सामने 2027 विधानसभा चुनाव की चुनौती लगातार बड़ी होती जा रही है। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व तो तय कर दिया, लेकिन संगठनात्मक ढांचा अब तक अधूरा है।
सूत्रों के मुताबिक नई कार्यकारिणी की सूची पार्टी हाईकमान तक पहुंच चुकी है, लेकिन अंतिम मंजूरी और घोषणा में लगातार देरी हो रही है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि नई टीम जल्द घोषित की जाएगी, लेकिन फिलहाल स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सबसे बड़ी चुनौती मौजूदा 218 सदस्यीय जंबो कार्यकारिणी को संतुलित करने की मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इतनी बड़ी टीम के साथ संगठनात्मक समन्वय बनाना आसान नहीं है।
भाजपा बनाम कांग्रेस: संगठन का अंतर
जहां कांग्रेस अब भी 218 पदों वाली विशाल कार्यकारिणी के साथ चल रही है, वहीं Bharatiya Janata Party की प्रदेश कार्यकारिणी अपेक्षाकृत छोटी और सीमित पदों वाली मानी जाती है। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में करीब 37 पद ही शामिल हैं।
कांग्रेस की मौजूदा कार्यकारिणी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Pritam Singh के कार्यकाल में बनाई गई थी। इसके बाद यही टीम Ganesh Godiyal, Karan Mahara और अब फिर से गणेश गोदियाल के नेतृत्व में काम कर रही है।
उत्तराखंड कांग्रेस की कार्यकारिणियों का इतिहास
ग्राफिक्स
- राज्य गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat ने प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाली। उस समय 145 सदस्यीय कार्यकारिणी बनाई गई।
- दूसरे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में Yashpal Arya ने 2002 से 2007 तक जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल में मात्र 40 सदस्यीय कार्यकारिणी रही।
- तीसरे प्रदेश अध्यक्ष Kishore Upadhyay के कार्यकाल (2008-2012) में 69 सदस्यीय कार्यकारिणी बनाई गई।
- इसके बाद यशपाल आर्य ने दोबारा प्रदेश अध्यक्ष पद संभाला।
- 2014 से 2017 तक किशोर उपाध्याय का दूसरा कार्यकाल रहा।
- 2017 से 2021 तक वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने दो बार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई और इसी दौरान 218 सदस्यीय जंबो कार्यकारिणी अस्तित्व में आई।
- 2021 से 2022 तक गणेश गोदियाल ने भी इसी कार्यकारिणी के साथ काम किया।
- इसके बाद Karan Mahara प्रदेश अध्यक्ष बने और उनके कार्यकाल में भी यही कार्यकारिणी जारी रही।
- नवंबर 2025 में पुनः गणेश गोदियाल प्रदेश अध्यक्ष बने और तब से अब तक वही पुरानी कार्यकारिणी प्रभावी है।
हाईकमान के फैसले का इंतजार
प्रदेश अध्यक्ष Ganesh Godiyal का कहना है कि नई कार्यकारिणी से जुड़ी फाइल पार्टी हाईकमान के पास पहुंच चुकी है। हाईकमान जल्द अंतिम निर्णय लेकर नई टीम की घोषणा करेगा।
भाजपा का कांग्रेस पर हमला
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस अब भी गुटबाजी से बाहर नहीं निकल पाई है। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर कई धड़े सक्रिय हैं और संगठनात्मक कमजोरी साफ दिखाई देती है। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस का संगठन भाजपा की तुलना में काफी पीछे चल रहा है।


