रिपोर्ट: भगवान सिंह
टिहरी गढ़वाल: जिले के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के कीर्ति नगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा पेंडुला के अमरोली गांव में संचालित एक गौशाला को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गौशाला में गौवंश की खराब स्थिति और कथित लापरवाही का मामला अब पुलिस चौकी दुगड़ा तक पहुंच गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौशाला में पशुओं की उचित देखभाल नहीं हो रही है। चारे और रहने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कई गायों की मौत होने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।
बताया जा रहा है कि यह गौशाला साल 2025 से संचालित हो रही है और यहां 50 से अधिक गायें रखी गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गौशाला के आसपास चराई के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसके चलते गायें आसपास की कृषि भूमि में घुसकर फसलों और पेड़ों को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीण इशा लखेड़ा का कहना है कि गौसेवा के नाम पर गौशाला खोली गई, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उनका आरोप है कि गायों को न तो पर्याप्त चारा मिल रहा है और न ही उचित इलाज। कई पशुओं के शरीर पर चोट के निशान भी देखे गए हैं। साथ ही, मृत पशुओं के सड़ने से क्षेत्र में दुर्गंध और वायु प्रदूषण की समस्या भी बढ़ गई है।
विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने मामला पुलिस चौकी दुगड़ा तक पहुंचाया और गौशाला संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, गौशाला संचालक कुसुमलता ममगाईं ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है और उनका अन्य ग्रामीणों से विवाद चलता रहता है। उन्होंने बताया कि गौशाला में पांच गौसेवक कार्यरत हैं और पशुओं की देखभाल की जा रही है। उनके अनुसार लगाए गए आरोप निराधार हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जांच के बाद सच्चाई सामने आती है।


