चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के मऊ (चोमेल) क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। घायल छात्रा को ग्रामीणों की मदद से उपचार के लिए लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घात लगाकर किया हमला
जानकारी के अनुसार, कक्षा 12 की छात्रा ज्योति (17) स्कूल से लौटने के बाद अपनी सहेलियों के साथ खेत में गेहूं काटने गई थी। इसी दौरान शाम करीब 5:30 बजे घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।
महिलाओं की बहादुरी से बची जान
पास के खेत में काम कर रही महिलाओं ने साहस दिखाते हुए दराती और पत्थरों से गुलदार पर हमला किया, जिससे वह छात्रा को छोड़कर भाग गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल छात्रा को कंधे पर उठाकर गांव तक पहुंचाया और फिर वाहन से अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने दी जानकारी
लोहाघाट अस्पताल में डॉक्टर बीना मेलकानी ने बताया कि छात्रा के गले पर गंभीर घाव हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल चंपावत रेफर किया गया है। फिलहाल छात्रा की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
डीएम ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रा का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि छात्रा की जान बचाना प्राथमिकता है और प्रशासन पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगा।
वन विभाग को दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने वन विभाग को क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग की एसडीओ नेहा चौधरी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में जल्द पिंजरा लगाया जाएगा और निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल 10 हजार रुपये की सहायता दी गई है।
क्षेत्र में बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में पहले भी गुलदार के हमले हो चुके हैं। हाल ही में गुलदार ने दो बकरियों का शिकार किया था।
ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी हैं, जहां बच्चे दूर-दराज से पैदल आते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
चंपावत में गुलदार का बढ़ता आतंक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। प्रशासन और वन विभाग के लिए यह चुनौती है कि जल्द से जल्द स्थिति पर नियंत्रण पाया जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


