संवाददाता: अरशद हुसैन
रुड़की से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां भारत विकास परिषद रुड़की ने समाजसेवा के क्षेत्र में सराहनीय कदम उठाया है। परिषद ने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है।
इस योजना की औपचारिक शुरुआत आज रुड़की के गौशाला परिसर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान की गई। कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग देना है।
परिषद के संरक्षक सचिन गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक लाभार्थियों को व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी हाल की फोटो, आधार कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र भेजना होगा। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र लोगों का चयन किया जाएगा और उन्हें निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान किए जाएंगे।
वहीं परिषद की सचिव निधि शांडिल्य ने मीडिया से अपील की कि इस जनकल्याणकारी योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद इसका लाभ उठा सकें।
यह पहल न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो सकती है।


