रिपोर्टर: सुभाष चंद
खटीमा में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में हुए दाखिलों को लेकर विवाद गहरा गया है। वार्ड नंबर 6, लोहियाहेड रोड के निवासियों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और लॉटरी प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि आरटीई के तहत गरीब और पात्र बच्चों को प्रवेश मिलना चाहिए, लेकिन हाल ही में जारी लॉटरी सूची में स्थानीय जरूरतमंद बच्चों के नाम शामिल नहीं हैं। मामला खटीमा के अमाऊ क्षेत्र का है, जहां बालिका आश्रम पद्धति स्कूल और सर्राफ पब्लिक स्कूल के करीब 500 मीटर के दायरे में रहने वाले कई परिवारों ने आवेदन किया था।
अभिभावकों का आरोप है कि पास में रहने के बावजूद उनके बच्चों का चयन नहीं हुआ, जबकि दूर-दराज के बच्चों को प्रवेश मिल गया। रीना यादव और चंद्र परिहार जैसे अभिभावकों ने बताया कि वे मजदूरी कर अपने बच्चों की पढ़ाई का सपना देख रहे थे, लेकिन इस परिणाम ने उनकी उम्मीदें तोड़ दी हैं।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्तमान लॉटरी को रद्द कर पारदर्शी तरीके से दोबारा प्रक्रिया कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
इस मामले में खटीमा के एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है कि क्या इन बच्चों को उनका हक मिल पाएगा।


