देहरादून | सचिन कुमार
देहरादून में आयोजित हिन्दू स्वाभिमान सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक एवं प्रख्यात समाजसेवी डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने उत्तराखण्ड से जुड़े विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर अपनी बात रखी। सम्मेलन में उन्होंने जनसंख्या असंतुलन, अवैध घुसपैठ, भूमि अतिक्रमण और सामाजिक चुनौतियों को लेकर चिंता व्यक्त की।
अपने संबोधन में डॉ. तोगड़िया ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में कथित अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिसके दूरगामी प्रभाव राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकते हैं।
उन्होंने भूमि अतिक्रमण के मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर मदरसों और मजारों के नाम पर सरकारी तथा निजी भूमि पर अवैध कब्जों की घटनाएं सामने आ रही हैं। डॉ. तोगड़िया ने कहा कि ऐसी गतिविधियां सामाजिक संतुलन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं तथा प्रशासन को इस दिशा में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
सम्मेलन के दौरान डॉ. तोगड़िया ने तथाकथित “लव जिहाद” के मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे शांतिप्रिय राज्य में इस प्रकार की घटनाओं में वृद्धि चिंताजनक है। उनका मानना है कि यदि सरकार इस विषय पर प्रभावी कदम नहीं उठाती है तो समाज और विभिन्न संगठनों को जागरूकता फैलाने और सामाजिक संरक्षण के लिए आगे आना होगा।
अपने संबोधन के अंत में डॉ. तोगड़िया ने समाज की एकता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्रहित के मुद्दों पर संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही सामाजिक चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है।
हिन्दू स्वाभिमान सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और विभिन्न सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।



