हरिद्वार: एक मां की आंखों में लौट आई खुशी और एक परिवार की खत्म हुई बेचैनी। हरिद्वार पुलिस ने कनखल से अगवा की गई तीन साल की बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान पुलिस ने दिल्ली से चोरी किए गए एक वर्षीय बच्चे को भी मुक्त कराया।
करीब एक महीने पहले बैरागी कैंप क्षेत्र से लापता हुई बच्ची की तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी। पुलिस टीमों ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
जांच में सामने आया कि बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जो निसंतान दंपतियों को बच्चे बेचने का काम करता था। पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरोह बच्चों को अपना या अनाथ बताकर बेचता था और इसके लिए लाखों रुपये का सौदा किया जाता था। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की इस सफलता के बाद दोनों बच्चों के परिवारों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पूरे मामले ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



