रिपोर्ट: अरशद हुसैन
रुड़की में श्री हनुमानगढ़ी नेमिशरण्य, सीतापुर के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महंत पावन दास जी महाराज का पहली बार आगमन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उनका फूल-मालाओं, जयघोष और भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
महंत पावन दास जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रुड़की में पहली बार आकर उन्हें यहां के श्रद्धालुओं का जो स्नेह और सम्मान मिला है, वह उनके लिए अविस्मरणीय है। उन्होंने सभी भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि वे सत्युग के प्रसिद्ध तीर्थ नेमिशरण्य से आए हैं, जिसे भगवान विष्णु की पावन तपोभूमि माना जाता है। यह स्थान सनातन धर्म की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
महंत पावन दास जी महाराज ने कहा कि आज खाटू श्याम बाबा की भक्ति पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है और युवा पीढ़ी भी बड़ी संख्या में सनातन परंपराओं से जुड़ रही है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
इस दौरान उन्होंने आगामी 6 से 13 दिसंबर तक नेमिशरण्य में आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा एवं विराट वैदिक महायज्ञ की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि कथा का वाचन देवभूमि उत्तराखंड के प्रसिद्ध संत राष्ट्रीय संत चिन्मयानंद बापू जी महाराज करेंगे।
महंत जी के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन में 1008 वैदिक विद्वान ब्राह्मण वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ संपन्न कराएंगे। साथ ही, कथा का सीधा प्रसारण आस्था चैनल पर किया जाएगा, ताकि देश-विदेश के श्रद्धालु भी इस आयोजन से जुड़ सकें।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में योगगुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, सुप्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा सहित देशभर के अनेक संत-महात्माओं की उपस्थिति रहने की संभावना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस भव्य धार्मिक आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की।



