रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी में बीती देर रात आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। शहर के कई इलाकों में तेज हवाओं के चलते पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए, जबकि कई मकानों की छतें भी उड़ गईं। मौसम के इस बदले मिजाज से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग द्वारा पहले ही अगले चार दिनों तक भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई थी, जो एक बार फिर सटीक साबित हुई। तेज हवाओं और बारिश का सबसे अधिक असर माल रोड, कैमल बैक रोड और मसूरी-देहरादून मार्ग पर देखने को मिला। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़क पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और कुछ स्कूटियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र से भी भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही प्राकृतिक छेड़छाड़ और पहाड़ों में अवैध खनन का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रकृति के साथ इसी प्रकार खिलवाड़ जारी रहा तो भविष्य में इसके और भी गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जहां सूखे पेड़ हैं या लॉपिंग की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को बरसात से पहले सभी नालों और खालों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि समय पर पेड़ों की लॉपिंग न होने के कारण स्थिति अधिक खराब हुई है। उन्होंने बताया कि पुराने मकानों की छतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है और प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहा है।
वहीं सभासद गीता कुमाई ने बताया कि उन्होंने पूर्व में वन विभाग को पेड़ों की लॉपिंग को लेकर पत्र भेजा था, जिसके बाद विभाग ने संभावित खतरे वाले पेड़ों को चिन्हित भी किया था। उन्होंने कहा कि कैमल बैक रोड क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जहां कई लोगों की छतें उड़ गईं।


