Thursday, October 22, 2026
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रुद्रप्रयाग में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और जनगणना अभियान की विस्तृत जानकारी जारी

रिपोर्टर: कुलदीप राणा

रुद्रप्रयाग: जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल मिश्रा ने शनिवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और जनगणना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए उत्तराखंड में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के तहत 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और गणना प्रपत्र भरेंगे।

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में वर्तमान में 362 मतदेय स्थल हैं और प्रत्येक के लिए एक-एक बीएलओ की नियुक्ति की जा चुकी है। प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी, जिनका निर्धारित समय में निस्तारण किया जाएगा। अंतिम निर्वाचक नामावली 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और बीएलओ को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके।

जनगणना का दूसरा चरण सितंबर 2026 से

जिलाधिकारी ने जनगणना प्रक्रिया को प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण का आधार है। उन्होंने बताया कि जनगणना का पहला चरण, यानी हाउस लिस्टिंग, 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

इस चरण के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण किया गया और कुल 599 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात किए गए।

उन्होंने आगे बताया कि जनगणना का दूसरा चरण दो भागों में संपन्न होगा। दुर्गम एवं हिमपात प्रभावित क्षेत्रों में यह कार्य सितंबर 2026 में शुरू होगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में फरवरी 2027 में जनगणना कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की कि वे जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाएं और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावी और जनहितकारी नीतियों का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।

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