रिपोर्ट: अश्वनी दीक्षित
उधम सिंह नगर: सितारगंज के नजदीकी नया गांव में दूषित पेयजल को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। गांव में पानी की आपूर्ति करने वाली टंकी से आने वाला पानी पीने के बाद करीब 50 बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं। इनमें से 14 वर्षीय किशोर अल्तमश की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बीते कई दिनों से गांव में पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। नया गांव निवासी बंटी के पुत्र अल्तमश की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे दिल्ली रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक नारायण पाल गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की। नारायण पाल के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची और स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया गया।
इसके अलावा गांव की पानी की टंकी की सफाई और मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया है ताकि दूषित पानी की आपूर्ति को रोका जा सके और बीमारी के फैलाव पर नियंत्रण पाया जा सके।
पूर्व विधायक नारायण पाल ने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद कोई भी जनप्रतिनिधि पीड़ित गांव का हाल जानने नहीं पहुंचा। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा पर भी प्रभावित परिवारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है और जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए।
नारायण पाल ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पीड़ित परिवारों को जल्द न्याय और उचित सहायता नहीं मिली तो आगे की रणनीति तैयार कर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और गांव में चिकित्सा शिविर लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि बीमारी पर जल्द नियंत्रण पाया जा सके।


