रिपोर्टर: अरशद हुसैन
रुड़की: हरिद्वार जिले के पिरान कलियर स्थित विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक में एक नई समिति के गठन को लेकर विवाद गहरा गया है। “अंजुमन ए खुद्दाम ए आस्ताना साबिर पाक समिति” के नाम से सामने आए एक विजिटिंग कार्ड ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। आरोप है कि समिति का गठन बिना दरगाह प्रशासन की अनुमति के किया गया।
वायरल हो रहे विजिटिंग कार्ड में समिति का पंजीकरण संख्या भी अंकित है। साथ ही पदाधिकारियों के नाम भी प्रकाशित किए गए हैं। कार्ड के अनुसार, खादिम सलीम अहमद साबरी को अध्यक्ष, खादिम मुनीस (पप्पू) को उपाध्यक्ष और खादिम गुलाम दस्तगीर को सचिव बनाया गया है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस समिति के गठन के लिए दरगाह कार्यालय से किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई। इसी बीच एक व्यक्ति ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत दरगाह प्रशासन से समिति के संबंध में जानकारी मांगी, जिसके बाद पूरा मामला प्रशासन के संज्ञान में आया।
मामले की जानकारी मिलने पर दरगाह प्रशासन ने समिति से जुड़े कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि समिति का गठन किन परिस्थितियों में किया गया और क्या इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया गया था।
इस संबंध में जॉइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र सेठ ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पिरान कलियर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि समिति का गठन वैध प्रक्रिया के तहत हुआ था या नहीं।



