रिपोर्टर: आसिफ इक़बाल
रामनगर में एक बार फिर दुर्लभ वन्यजीव प्रजाति के मिलने से क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता चर्चा में है। रामनगर वन प्रभाग की रेस्क्यू टीम ने आबादी वाले इलाके से एक दुर्लभ कॉमन सैंड बोआ का सुरक्षित रेस्क्यू किया। स्थानीय लोग इसे ‘दोमुंहा सांप’ के नाम से जानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह नाम केवल इसकी बनावट के कारण पड़ा है।
वन विभाग के अनुसार, यह सांप पूरी तरह नॉन-वेनमस (बिना ज़हर वाला) होता है और इंसानों के लिए किसी प्रकार का खतरा नहीं बनता। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में लोग अक्सर इसे जहरीला समझ लेते हैं, जिससे इस दुर्लभ प्रजाति का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है।
रेस्क्यू टीम के सदस्य आशीष कश्यप ने बताया कि इस सांप की पूंछ सिर जैसी दिखाई देती है। यही कारण है कि शिकारी भ्रमित हो जाते हैं और सांप को बच निकलने का मौका मिल जाता है। यह इसकी प्राकृतिक रक्षा प्रणाली का हिस्सा है।
वन विभाग ने बताया कि यह प्रजाति रामनगर में वर्षों बाद दोबारा देखने को मिली है। इससे यह संकेत मिलता है कि कॉर्बेट लैंडस्केप का प्राकृतिक आवास अब भी कई दुर्लभ जीवों के लिए सुरक्षित है।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी घर या आसपास इस तरह का सांप दिखाई दे तो घबराने के बजाय तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।



