रिपोर्ट: सचिन कुमार
उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के सरकार के दावों पर अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार के दावों को “खोखला” बताते हुए सड़क व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने भी विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की कमी स्वीकार की है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि सरकार के वादे केवल कागजों तक सीमित हैं और धरातल पर उनका असर दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मानसून से पहले सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा किया था, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने चारधाम यात्रा मार्गों का उदाहरण देते हुए कहा कि यात्रा जारी है, लेकिन कई जगह सड़कें खराब स्थिति में हैं। उन्होंने देहरादून शहर की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि “सिर्फ चार घंटे की बारिश में शहर नदियों जैसा नजर आने लगता है।”
कांग्रेस ने सरकार पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।
वहीं भाजपा विधायक विनोद चमोली ने माना कि मुख्यमंत्री लगातार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निगम और MDDA के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है।
विनोद चमोली ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है और सभी एजेंसियों को गंभीरता से काम करना होगा ताकि बारिश से पहले सड़कें दुरुस्त हो सकें और आगे ज्यादा नुकसान न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जल्द ही सड़कों की मरम्मत का काम तेज करेगी।


