रिपोर्टर: प्रदीप श्रीवास्तव
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के जसपुर नगर से एक अहम खबर सामने आई है। वर्षों से साप्ताहिक बाजार बंद होने की मार झेल रहे सब्जी विक्रेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री द्वारा जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को जसपुर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद सब्जी विक्रेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।
वर्षों पुराना बाजार हुआ था बंद
दरअसल, जसपुर के मंडी चौक में वर्षों से साप्ताहिक बाजार सजता था, जहां करीब 500 सब्जी विक्रेता अपनी दुकानें लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। लेकिन कुछ लोगों द्वारा बाजार को अतिक्रमण बताते हुए उच्च न्यायालय नैनीताल में जनहित याचिका दायर की गई थी।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में मनोज अग्रवाल नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 14 जून 2018 को नगर पालिका प्रशासन को बाजार से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बाजार को खाली करा दिया, जिससे सैकड़ों सब्जी विक्रेताओं की रोजी-रोटी प्रभावित हो गई।
बाजार की जगह खड़े होने लगे वाहन
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान से बाजार हटाया गया, वहां अब लंबे समय से वाहनों की कतारें खड़ी रहती हैं। विक्रेताओं का आरोप है कि गरीब दुकानदारों को हटाकर रसूखदार लोगों को फायदा पहुंचाया गया।
सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि बाजार बंद होने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। कई परिवारों की आय पूरी तरह प्रभावित हुई और छोटे व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भाजपा नेता शीतल जोशी का भी जताया आभार
सब्जी विक्रेताओं ने मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा नेता शीतल जोशी का भी आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि शीतल जोशी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बाजार को दोबारा शुरू कराने की मांग उठाई, जिसके बाद निरीक्षण के आदेश जारी हुए।
विक्रेताओं ने उम्मीद जताई कि जल्द ही बाजार को पुनः शुरू कराया जाएगा, जिससे सैकड़ों परिवारों को राहत मिलेगी।
पुलिस प्रशासन पर भी लगाए आरोप
सब्जी विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन बाजार में होने वाले अतिक्रमण के नाम पर केवल छोटे दुकानदारों को परेशान करता है, जबकि परिसर में खड़े वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी बाजार परिसर में आज भी रामलीला, मोहर्रम और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि साप्ताहिक बाजार को दोबारा शुरू कर गरीब व्यापारियों को राहत दी जाए।


