रिपोर्टर: अरशद हुसैन
रुड़की: उत्तराखंड के मंगलौर नगर पालिका परिषद में 23 अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक के दौरान मोहल्ला चामरान खालसा का नाम बदलकर सैनीपुरा किए जाने का प्रस्ताव अब विवाद का रूप ले चुका है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय दलित समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इसी क्रम में शनिवार को उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री देसराज कर्णवाल ने दलित समाज के लोगों के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने मौके पर ही नगर पालिका परिसर में डेरा डाल दिया और प्रशासन से इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार की मांग की।
राज्यमंत्री कर्णवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दलित समाज के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि बिना सहमति के इस तरह का नाम परिवर्तन सामाजिक असंतोष को बढ़ावा देता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन ने राज्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल को लिखित आश्वासन दिया कि मोहल्ले का नाम फिलहाल नहीं बदला जाएगा। साथ ही, इस विषय पर उचित प्रक्रिया अपनाते हुए सभी पक्षों से चर्चा की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के निर्णय लेने से पहले जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं, प्रशासन का कहना है कि विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयास जारी हैं।
इस घटनाक्रम के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।


