रिपोर्टर: सचिन कुमार
ईद-उल-अज़हा के मद्देनज़र उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून क़ासमी ने मुस्लिम समुदाय से शांति, सौहार्द और अनुशासन के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। खटीमा से जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि सभी लोगों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
मुफ़्ती शमून क़ासमी ने धार्मिक आयोजनों को निर्धारित स्थानों पर आयोजित करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि इससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और सामाजिक व्यवस्था भी बनी रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “सड़क पर नमाज़ न पढ़ने” संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि धार्मिक गतिविधियां तय स्थानों पर ही होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि त्योहार आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और एकता का संदेश देते हैं। ऐसे में सभी समुदायों को मिल-जुलकर प्रेम और सम्मान के साथ पर्व मनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखने की भी अपील की।
मुफ़्ती क़ासमी ने कहा कि उत्तराखंड की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक समरसता को बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। ईद-उल-अज़हा का पर्व त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है, जिसे सभी को अपनाने की आवश्यकता है।


