चारधाम यात्रा 2026 को लेकर टिहरी गढ़वाल पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। मुनिकीरेती-ढालवाला क्षेत्र में आयोजित एक विशेष ब्रीफिंग सत्र में एसएसपी श्वेता चौबे ने पुलिस अधिकारियों और जवानों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की और यात्रा प्रबंधन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में एसएसपी ने साफ कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनका अनुभव भी बेहतर होना चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि वे ड्यूटी के दौरान संयमित, विनम्र और जिम्मेदार व्यवहार अपनाएं।
मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार
चारधाम यात्रा के मद्देनज़र टिहरी जिले को रणनीतिक रूप से 3 सुपर जोन, 11 जोन और 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर स्तर पर निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
व्यवहार और आपदा प्रबंधन पर खास ध्यान
इस बार पुलिस बल को सॉफ्ट स्किल्स के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का भी प्रशिक्षण दिया गया है। आपातकालीन स्थितियों में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए जवानों को CPR और बेसिक फर्स्ट-एड की ट्रेनिंग दी गई है।
एसएसपी ने कहा कि “श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील व्यवहार ही पुलिस की पहचान बने।”
ट्रैफिक प्लानिंग में बड़े बदलाव
यात्रा के दौरान ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्रों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा।
- चंद्रभागा और खारा स्रोत में नए पार्किंग जोन विकसित
- सड़कों पर अनावश्यक वाहन खड़े होने पर सख्ती
- 3 हॉक यूनिट और कई मोबाइल टीमें लगातार निगरानी में रहेंगी
इसके अलावा, खराब वाहनों को तुरंत हटाने के लिए 2 क्रेन तैनात रहेंगी, जिससे जाम की स्थिति न बने।
जल सुरक्षा एजेंसियां भी तैयार
गंगा में स्नान और राफ्टिंग के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल पुलिस, SDRF और फ्लड कंपनी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की जाएगी।
“सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा हमारा लक्ष्य”
एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि चारधाम यात्रा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विषय है। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी है कि वे उन्हें सुरक्षित, सहज और सकारात्मक अनुभव प्रदान करें।


