रिपोर्ट: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी क्षेत्र के सहस्त्रधारा-सरोना मोटर मार्ग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया, जिसमें ग्रामीण सड़क की कमजोर गुणवत्ता को उजागर करते नजर आए।
वायरल वीडियो में देखा गया कि सड़क पर बिछाई गई तारकोल और मिट्टी की परत इतनी कमजोर थी कि लोग उसे हाथों से ही उखाड़ रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पहली बार सड़क निर्माण होने के बावजूद कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया और निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई।
वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा पीएमजीएसवाई विभाग के अधिकारियों पर फूट पड़ा। लगातार विरोध और शिकायतों के बाद विभागीय अधिकारी आज मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी और जहां जरूरत होगी वहां सुधार कराया जाएगा।
हालांकि, ग्रामीण विभागीय आश्वासनों से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना है कि वे लंबे समय से सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों को पत्र लिखे और वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी समस्याएं पहुंचाईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
ग्राम प्रधान ने मौके पर पुराने शिकायत पत्रों और विभागीय पत्राचार की प्रतियां भी दिखाईं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और विभाग ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद ही अधिकारी गांव पहुंचे, जबकि सड़क की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई थीं। अब गांववासी सड़क निर्माण की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


