रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी में प्रस्तावित वैली ब्रिज को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उपेंद्र थापली ने सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में मसूरी-देहरादून मार्ग पर बन रहे नए वैली ब्रिज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता के दौरान उपेंद्र थापली ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें पुल को पूरी तरह सुरक्षित बताया गया था। उन्होंने कहा कि यदि पुल सुरक्षित है, तो उस पर बड़े वाहनों की आवाजाही क्यों बंद की गई है और अभी भी मरम्मत कार्य क्यों जारी है।
थापली ने आरोप लगाया कि पुल से मिट्टी का रिसाव हो रहा है, जो किसी बड़ी दुर्घटना का संकेत हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में गंभीर हादसा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इसकी गुणवत्ता को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मसूरी विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई। थापली ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जिन सड़कों पर काम शुरू हुआ था, वे अब तक अधूरे पड़े हैं और वर्तमान सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
इसके अलावा, उन्होंने मसूरी में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने सड़कों पर अवैध पार्किंग को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए 8 सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में नगर पालिका परिषद मसूरी को नए पार्किंग स्थलों का चयन कर पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए।
मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना बेहद जरूरी है। वैली ब्रिज और सड़क व्यवस्था को लेकर उठे ये सवाल आने वाले समय में स्थानीय प्रशासन और सरकार के लिए चुनौती बन सकते हैं।


