रिपोर्टर: ललित जोशी
उत्तराखंड में ‘नारी सम्मान’ और महिला अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। ऋतु खंडूरी भूषण ने जानकारी दी है कि राज्य में एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया है। इस सत्र का मुख्य विषय ‘नारी सम्मान, लोकतंत्र में अधिकार’ रखा गया है, जिस पर सभी दलों के विधायक अपने विचार साझा करेंगे।
उन्होंने बताया कि सत्र के आयोजन के लिए प्रस्ताव राज्यपाल के अनुमोदन हेतु भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही विधानसभा सचिवालय आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।
तैयारियों को लेकर बैठकें तय
सत्र के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए 26 तारीख को सुरक्षा संबंधी बैठक और 27 तारीख को कार्यमंत्रणा समिति व सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। इन बैठकों में सत्र की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी।
महिला आरक्षण पर विपक्ष पर निशाना
महिला आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सभी दलों का समर्थन मिला था, जिससे यह उम्मीद जगी थी कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सभी एकजुट हैं।
लेकिन, जब 2026 में 33 प्रतिशत आरक्षण के क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाए गए, तो विपक्ष ने जाति और धर्म के मुद्दे उठाकर राजनीति शुरू कर दी। उन्होंने इसे महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच का संकेत बताया।
महिलाओं को भरोसा, जल्द मिलेगी नई उड़ान
विपक्ष द्वारा समर्थन न मिलने पर ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि यह निराशाजनक जरूर है, लेकिन देश की महिलाएं हतोत्साहित नहीं हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलेगा।
उन्होंने कहा, “हमारी उड़ान कुछ समय के लिए जरूर रुकी है, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि यह फिर से नई गति पकड़ेगी और महिलाएं आगे बढ़ेंगी।”


