रिपोर्टर: सचिन कुमार
उत्तराखंड में मानसून अब रफ्तार पकड़ चुका है। लगातार हो रही बारिश ने जहां मैदानी इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं पहाड़ी जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल 184 सड़कें बंद हैं और उन्हें जल्द खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर चमोली जिले में देखने को मिला है। इसके अलावा उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी जिलों में भी कई सड़कें बाधित हैं। बंद मार्गों में लोक निर्माण विभाग की 71 और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 113 सड़कें शामिल हैं। कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि प्रदेशभर में 685 मशीनें मलबा हटाने और सड़कें खोलने के काम में लगाई गई हैं। विभाग के प्रमुख अभियन्ता राजेश चन्द्र शर्मा के अनुसार सभी पुल सुरक्षित हैं और चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे मशीनें और टीमें तैनात हैं।
उधर, आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सभी जिलों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है। सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जहां भी सड़क बंद होने या भूस्खलन की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी मौके पर भेजा जा रहा है।
मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।



