संवाददाता: अरशद हुसैन
रुड़की के एक निजी बैंक्वेट हॉल में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) की विशाल महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन ने 28 जुलाई को देहरादून स्थित डीजीपी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया और उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली के साथ-साथ राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
31 सूत्रीय मांगों को लेकर होगा डीजीपी कार्यालय का घेराव
महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि संगठन अपनी 31 सूत्रीय मांगों को लेकर 28 जुलाई को हजारों किसानों के साथ डीजीपी कार्यालय का घेराव करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस का रवैया किसानों और आम जनता के प्रति संतोषजनक नहीं है।
संजीव तोमर ने कहा कि आम लोगों की शिकायतों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना था कि यदि पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से निभाए तो कई समस्याओं का समाधान आसानी से हो सकता है।
भगवानपुर की दहेज हत्या का मामला भी उठाया
महापंचायत के दौरान संजीव तोमर ने भगवानपुर क्षेत्र में 23 जून को संगठन के एक कार्यकर्ता की बेटी की कथित दहेज हत्या का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने लगभग 10 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया और अब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।
उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अवैध पशु कटान और नशा मुक्त उत्तराखंड की मांग
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राज्य में अवैध पशु कटान पर रोक, नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान को प्रभावी बनाने और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को जमीनी स्तर पर लागू करने की भी मांग दोहराई। उनका कहना था कि कानून का समान रूप से पालन कराया जाना चाहिए और अपराध के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
राष्ट्रीय सचिव तालिब हसन ने भी उठाए सवाल
महापंचायत में संगठन के राष्ट्रीय सचिव तालिब हसन ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मई 2026 में उनकी दुकान पर उनके बेटे पर गोली चलाई गई थी, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है।
तालिब हसन का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन बाद में उन धाराओं को हटा दिया, जबकि पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध थे। उन्होंने कहा कि पुलिस की इसी कार्यशैली के विरोध में 28 जुलाई को देहरादून में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
28 जुलाई के प्रदर्शन की तैयारी तेज
महापंचायत के समापन पर संगठन ने स्पष्ट किया कि 28 जुलाई को बड़ी संख्या में किसान देहरादून पहुंचकर डीजीपी कार्यालय का घेराव करेंगे। संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।



