रिपोर्टर: ललित जोशी
नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक गुलदार ने जंगल में चारा लेने गई महिला को अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, ज्योलीकोट के पास स्थित ज्योली गांव निवासी हेमा पांडे (लगभग 47-52 वर्ष) मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल गई थीं। उनके साथ गांव की दो अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं। कुछ समय बाद जब हेमा पांडे नजर नहीं आईं, तो साथ गई महिलाएं घबराकर गांव लौटीं और परिजनों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगल पहुंचे और तलाश शुरू की। करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार या बाघ ने महिला को घसीटकर मार डाला।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट, जो उस समय एक बैठक में व्यस्त थे, तुरंत ग्रामीणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
डॉ. बिष्ट ने मृतक परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और वन विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए।
लगातार बढ़ रही घटनाएं
ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि भीमताल क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में यह 9वीं या 10वीं घटना है, जो बेहद चिंताजनक है। इससे पहले मनोरा क्षेत्र के मोरा गांव में भी गुलदार के हमले में एक महिला की मौत हो चुकी है। उस घटना के बाद एक बाघ को आदमखोर घोषित कर पकड़ा गया था, लेकिन हमले थमने का नाम नहीं ले रहे।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। देर रात तक ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख के साथ शव रखकर धरना प्रदर्शन किया और वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से जंगली जानवरों की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन विभाग प्रभावी कदम नहीं उठा रहा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि:
- आदमखोर गुलदार/बाघ को जल्द पकड़ा जाए
- गांवों के आसपास पिंजरे लगाए जाएं
- इलाके की सुरक्षा बढ़ाई जाए
प्रशासन का आश्वासन
डॉ. हरीश सिंह बिष्ट ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जल्द ही हमलावर जानवर को पकड़ने या मार गिराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग को क्षेत्र में तुरंत पिंजरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
भय का माहौल
इस घटना के बाद पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। लोग जंगल जाने से डर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।


