रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में कई महीनों से छात्रों और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी था। परीक्षा की पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर छात्र लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है।
उत्तराखंड कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को छात्रों की एक बड़ी जीत बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि लाखों युवाओं ने अपने भविष्य को लेकर आवाज उठाई और आखिरकार उनकी मांगों का असर देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं बल्कि युवाओं के संघर्ष का परिणाम है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी कहा कि छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात देश के सामने रखी और अब सरकार को केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों से युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है। ऐसे में सरकार को परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कार्रवाई करती हैं और दोषियों के खिलाफ कब तक सख्त कदम उठाए जाते हैं।



