संवाददाता: अरशद हुसैन
रुड़की में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के आगमन के खिलाफ उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र रूप लेता गया और गंगनहर पुल पर पहुंचकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
प्रदर्शन की शुरुआत बीएसएम चौक से हुई, जहां यूकेडी के दर्जनों कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष दीपक लखवान के नेतृत्व में एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला कार्यालय की ओर पैदल मार्च शुरू किया।
जैसे ही प्रदर्शनकारी मालवीय चौक पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता आगे बढ़ते रहे। हालात को देखते हुए गंगनहर पुल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जहां प्रदर्शनकारियों को जबरन रोक दिया गया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें गंगनहर कोतवाली भेज दिया।
यूकेडी नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप
जिलाध्यक्ष दीपक लखवान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार मनमानी कर रही है और राज्य के जनहित मुद्दों को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूकेडी इस “तानाशाही रवैये” के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध जारी रखेगी।
वहीं, पार्टी की नेता रीतू कंडियाल ने कहा कि महिलाओं, युवाओं और आम जनता की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर “सिर्फ दिखावे की राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थिति को काबू में कर लिया है। हालांकि, यूकेडी ने साफ कर दिया है कि उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा और वे अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे।


