संघर्ष से सफलता तक: महक गुसाईं ने 96% अंकों के साथ उत्तराखंड में हासिल किया 7वां स्थान

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रिपोर्ट: भगवान सिंह

पौड़ी गढ़वाल: कड़ी मेहनत, लगन और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने का जज़्बा हो तो सफलता जरूर मिलती है। इसका ताजा उदाहरण हैं पाबों विकासखंड के इंटर कॉलेज पोखरीखेत की छात्रा महक गुसाईं, जिन्होंने इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 96% अंक हासिल किए और पूरे उत्तराखंड में 7वां स्थान प्राप्त किया।

महक की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। खास बात यह रही कि उन्होंने बायोलॉजी विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

शुरू से रही हैं मेधावी छात्रा

महक गुसाईं का शैक्षणिक रिकॉर्ड शुरू से ही बेहतरीन रहा है। इससे पहले उन्होंने हाईस्कूल परीक्षा में 95.5% अंक प्राप्त कर प्रदेश में 19वीं रैंक हासिल की थी। उनका लक्ष्य आगे चलकर MBBS कर डॉक्टर बनना है।

संघर्ष भरी रही सफलता की राह

महक की सफलता के पीछे एक प्रेरणादायक संघर्ष की कहानी भी छिपी है। वर्ष 2017 में उनके पिता के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। उनकी मां सरिता देवी, जो एक आशा कार्यकर्ता हैं, ने सीमित संसाधनों में भी बच्चों की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया।

शुरुआती दिनों में महक को रोजाना करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था। बाद में बेहतर शिक्षा के लिए परिवार ने किराए के मकान में रहने का फैसला लिया। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद महक ने अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।

विद्यालय और शिक्षकों ने जताई खुशी

विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेंद्र सिंह रावत ने महक की सफलता पर खुशी जताते हुए उन्हें मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रा बताया। उन्होंने कहा कि महक का भविष्य उज्ज्वल है और वह आगे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगी।

इसी विद्यालय की एक अन्य छात्रा गोरी रौतेला ने भी 85.8% अंक प्राप्त कर अच्छा प्रदर्शन किया है।

जिले का प्रदर्शन भी रहा बेहतर

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में इस बार पौड़ी गढ़वाल जिले का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है।

  • हाईस्कूल परिणाम: 90.65%
  • इंटरमीडिएट परिणाम: 84.56%

ये आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में क्रमशः 0.95% और 0.64% की बढ़ोतरी दर्शाते हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेय सयाना ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए भविष्य में और बेहतर परिणाम का लक्ष्य रखा है।


यह सफलता न केवल महक गुसाईं के लिए, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

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