संवाददाता: सागर रस्तोगी
चारधाम यात्रा के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर एक वृहद मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता को परखना और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना था।
पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश के निर्देशन में आयोजित इस मॉक ड्रिल में कोतवाली ऋषिकेश, जीआरपी, आरपीएफ, फायर सर्विस और एटीएस की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने मिलकर किसी भी संभावित खतरे से निपटने की अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।
संदिग्ध गतिविधि की सूचना से मचा हड़कंप
मॉक ड्रिल के दौरान दोपहर में प्लेटफार्म नंबर 1 स्थित पुरुष प्रतीक्षालय में दो संदिग्ध व्यक्तियों के छिपे होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश और जीआरपी चौकी प्रभारी प्रीति सैनी ने तुरंत नगर नियंत्रण कक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों को अलर्ट किया।
देखते ही देखते रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस बल ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संदिग्ध क्षेत्र को खाली कराया और चारों ओर से घेराबंदी कर दी। आम लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रूप से रोक लगाई गई, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
संयुक्त टीमों ने दिखाया समन्वय
सूचना के तुरंत बाद फायर सर्विस, 108 एम्बुलेंस और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। एटीएस टीम ने पूरी सतर्कता के साथ संदिग्धों को घेरकर उन्हें जीरो प्लेटफार्म के एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर गहन तलाशी ली।
तलाशी के दौरान संदिग्धों से पूछताछ की गई और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए चौकी ले जाया गया।
चारधाम यात्रा से पहले सुरक्षा का व्यापक परीक्षण
अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एक योजनाबद्ध मॉक ड्रिल का हिस्सा थी। इसका उद्देश्य चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का मूल्यांकन करना था।
इस सफल अभ्यास ने यह साबित कर दिया कि सभी संबंधित एजेंसियां किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


