रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी में रेहड़ी-पटरी कमजोर वर्ग कल्याण समिति की ओर से शहीद स्थल झूला घर पर ‘बुद्धि शुद्धि यज्ञ’ का आयोजन किया गया। यह यज्ञ शासन-प्रशासन और नगर पालिका परिषद मसूरी के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध के रूप में किया गया, जिसमें विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौजूद रहीं और हवन कुंड में पूर्णाहुति देकर पटरी व्यापारियों को रोजगार दिलाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उपेंद्र थापली ने कहा कि पिछले 9 महीनों से मसूरी की माल रोड पर पटरी लगाने वाले व्यापारी बेरोजगार हैं, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि पटरी व्यापारियों की इस लड़ाई को अंतिम समय तक लड़ा जाएगा।
वहीं, पटरी व्यापारी संजय टम्टा ने कहा कि पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में व्यापार न होने से उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उत्तराखंड क्रांति दल की नेत्री प्रमिला रावत ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य गठन के 25 साल बाद भी गरीब और मजदूर वर्ग की समस्याएं अनदेखी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन मातृशक्तियों ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी, आज वही सड़कों पर उतरकर धरना देने को मजबूर हैं।
इस आयोजन के जरिए पटरी व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की है और जल्द समाधान की मांग की है।


