सरोवर नगरी नैनीताल स्थित राज्य अतिथि गृह सभागार में ‘महिला आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में बोलते हुए सायरा बानो ने कहा कि राज्य सरकार और महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि कई महिलाएं अपनी शिकायतें सीधे आयोग तक नहीं पहुंचा पातीं, इसलिए आयोग ‘महिला आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के जरिए हर जिले में जाकर जनसुनवाई कर रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 13 मार्च 2026 तक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा सके।
8 मामलों की हुई सुनवाई
नैनीताल में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आयोग के सामने कुल 8 शिकायतें सामने आईं। इनमें मुख्य रूप से घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, संपत्ति विवाद और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रताड़ना जैसे मामले शामिल थे।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि महिला आयोग हमेशा पीड़ित महिलाओं के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सुनवाई में आए अधिकांश मामले पुलिस विभाग से संबंधित थे। ऐसे में आयोग की ओर से सभी प्रकरणों को पुलिस विभाग को तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि जिन मामलों में दो पक्ष शामिल हैं, उनमें दोनों पक्षों को बुलाकर निष्पक्ष जांच की जाए और जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
महिलाओं से हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील
सायरा बानो ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की घटना या उत्पीड़न होता है, तो वे तुरंत निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें। इसके अलावा महिलाएं ‘गौरा शक्ति ऐप’ डाउनलोड कर या महिला आयोग के दूरभाष नंबर पर संपर्क कर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में महिला आयोग की सदस्य उर्मिला जोशी और कंचन कश्यप भी मौजूद रहीं। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्रा, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुलेखा बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, महिला आयोग के प्रतिनिधि और शिकायतकर्ता भी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।


