रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी में शहर कांग्रेस कमेटी ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज़ बुलंद की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उप जिला अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन में शहर की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई है।
धरना स्थल को लेकर विरोध
कांग्रेस ने कैमल बैक रोड पर धरना देने की अनुमति का विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह स्थान उपयुक्त नहीं है। पार्टी ने मांग की है कि झूला घर स्थित शहीद स्थल पर ही धरना-प्रदर्शन की अनुमति दी जाए, क्योंकि यह स्थान पहले से निर्धारित और सुविधाजनक है।
सड़कों की खराब हालत बनी बड़ी चिंता
ज्ञापन में शहर की जर्जर सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मसूरी की अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की।
पटरी व्यापारियों की समस्या अब भी बरकरार
पिछले 10 महीनों से पटरी व्यापारियों का मामला सुलझ नहीं पाया है। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की मांग की है।
पर्यटन सीजन से पहले समाधान की मांग
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने बताया कि इससे पहले भी कई बार समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि पर्यटकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
मास्टर प्लान और सर्वे पर सवाल
कांग्रेस ने मसूरी में नोटिफाइड और डी-नोटिफाइड क्षेत्रों के लंबे समय से चल रहे सर्वे पर भी सवाल उठाए हैं। नेताओं का कहना है कि इस पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं हुआ, जिससे शहर का मास्टर प्लान अटका हुआ है।
पुलिस और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी चिंता
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उपेंद्र थापली ने कहा कि शहर में पुलिस बल की कमी है और ट्रैफिक पुलिस भी पर्याप्त संख्या में तैनात नहीं है। इससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कुछ स्थानों पर धरना की अनुमति देना उचित नहीं है, खासकर जब वह ऐतिहासिक स्थल हों।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।


