रिपोर्टर: ललित जोशी
सरोवर नगरी नैनीताल से दूर जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में एक घटना में दोपहिया वाहन की चपेट में आने के बाद एक वन्यजीव को वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया था। वहीं, एक और मामले में पिंजरे में बंद वन्यजीव का आक्रामक रूप देखकर लोग दहशत में आ गए।
ताजा मामला भीमताल ब्लॉक के ग्राम रानीबाग इंद्रानगर क्षेत्र का है, जो काठगोदाम और हल्द्वानी शहर के बेहद नजदीक स्थित है। यहां एक और वन्यजीव को पिंजरे में कैद किया गया है। बताया जा रहा है कि पकड़े जाने के बाद भी यह वन्यजीव लगातार गुर्रा रहा था और उसकी आक्रामकता देखकर लोगों में भय का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ गई है, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत है। एक के बाद एक तीन वन्यजीवों के पकड़े जाने से क्षेत्र में दहशत और चिंता दोनों बढ़ गई है।
भीमताल ब्लॉक प्रमुख डॉक्टर हरीश सिंह बिष्ट ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो भी आक्रामक या ‘आदमखोर’ वन्यजीव हैं, उन्हें पकड़ने में वन विभाग को पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार वन्यजीवों का दिखना क्षेत्र के लिए गंभीर चेतावनी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जंगल और मानव क्षेत्र के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है क्योंकि ग्रामीण लोग रोजमर्रा की जरूरतों जैसे घास, लकड़ी और पानी के लिए जंगलों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में वन्यजीवों की बढ़ती हलचल चिंता का विषय है।
इधर, सामाजिक कार्यकर्ता कमल कुलियाल ने भी वन विभाग से मांग की है कि आक्रामक वन्यजीव को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जाए। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या सुनसान क्षेत्रों में न जाएं और समूह में ही आवाजाही करें।
पिंजरे में कैद वन्यजीव को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सुकता और दहशत दोनों का माहौल बना हुआ है।


