रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
पर्यटन नगरी मसूरी में आज प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने रोपवे सुरक्षा को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान रोपवे में फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने का सफल अभ्यास किया गया, जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तैयारियों का परीक्षण किया जा सके।
मसूरी के माल रोड स्थित रोपवे पर आयोजित इस मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और स्थानीय पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने तालमेल के साथ काम करते हुए रोपवे में फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया और अपने उपकरणों की भी जांच की।
यह मॉक ड्रिल उप जिलाधिकारी राहुल आनंद के नेतृत्व में संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी विभागों ने इस अभ्यास में भाग लिया, ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
वहीं, अजय पंत (SDRF सहायक सेनानी) ने जानकारी दी कि इस तरह की मॉक ड्रिल हर वर्ष आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य आपदा के समय उपयोग होने वाले उपकरणों की जांच, टीमों के बीच समन्वय और संभावित खतरों से निपटने की रणनीति को मजबूत करना होता है।
गौरतलब है कि मसूरी का यह रोपवे देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। ऐसे में प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार तैयारियों को परखता रहता है।
इस अभ्यास के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि आपदा की स्थिति में जान-माल की हानि को न्यूनतम रखा जा सके और पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।


