रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
देहरादून: शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ा 12 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास तेजी से तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि शहर के भीतर वाहनों के दबाव को भी काफी हद तक कम करेगी।
716 करोड़ की लागत से बन रहा बाईपास
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण लगभग 716 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब 44 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसे अप्रैल 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
झाझरा से आशारोड़ी तक सीधा कनेक्शन
यह ग्रीनफील्ड बाईपास झाझरा से शुरू होकर पांवटा साहिब-बल्लूपुर (NH-7) सेक्शन को जोड़ते हुए आगे आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ेगा। इस कनेक्टिविटी से बाहरी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना ही आगे बढ़ने का विकल्प मिलेगा।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर विशेष ध्यान
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसमें वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अंडरपास और अन्य संरचनाएं शामिल की जा रही हैं, ताकि विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संतुलन भी बना रहे।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
इस बाईपास के निर्माण से देहरादून शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। खासकर दिल्ली, हिमाचल और उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों को अब शहर के भीतर प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


