रिपोर्टर: नवीन चन्दोला
उत्तराखंड के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat ने शुक्रवार को चमोली जिले के थराली और चेपड़ो गांव का दौरा कर आपदा प्रभावितों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना।
शाम करीब 6:30 बजे वे कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण के साथ बागेश्वर से ग्वालदम होते हुए थराली पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद वे सीधे चेपड़ो गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की।
8 महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा
स्थानीय लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि आपदा के आठ महीने बीत जाने के बाद भी दुकानों और अन्य संपत्तियों के नुकसान का मुआवजा नहीं मिला है। साथ ही, क्षेत्र में सुरक्षा और पुनर्निर्माण से जुड़े कोई ठोस कार्य अब तक शुरू नहीं हुए हैं।
इस पर Harish Rawat ने कहा कि “आपदा प्रभावितों की समस्याएं कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं, जो चिंताजनक है।”
2013 आपदा से की तुलना
पत्रकार वार्ता के दौरान हरीश रावत ने वर्ष 2013 की आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय तत्काल राहत और मुआवजा दिया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया गया था, जबकि इस बार केवल 5 लाख रुपये दिए जा रहे हैं, जो महंगाई के हिसाब से अपर्याप्त है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोग अब तक लापता हैं, उन्हें मृत घोषित कर सरकार को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
विकास कार्यों में देरी पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आठ महीने बाद भी न तो टूटे रास्तों का निर्माण हुआ है और न ही सरकारी संपत्तियों के नुकसान की भरपाई के लिए धनराशि जारी की गई है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी जताई नाराजगी
थराली नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत ने कहा कि जिला प्रशासन ने कुछ प्रयास जरूर किए हैं, लेकिन अधिकांश प्रभावितों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। कई बार सरकार को पत्र लिखने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद रावत ने भी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावितों को लगातार गुमराह किया जा रहा है और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरे के दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित, पूर्व राज्यमंत्री सुशील रावत, जिला महामंत्री संदीप कुमार समेत अन्य शामिल थे।


