रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों का कहना है कि कई महीनों से सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
उत्तराखंड निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री एवं नगर निगम देहरादून ऑफिस यूनियन के अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद शासन स्तर पर कोई प्रभावी पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि कर्मचारियों को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
यूनियन नेताओं के मुताबिक, पिछले चार से पांच महीनों के दौरान मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री को कई बार ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। मजबूर होकर कर्मचारियों ने सचिवालय घेराव और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। फिलहाल प्रशासन की ओर से केवल एक सप्ताह का आश्वासन मिला है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों में दैनिक वेतनभोगियों का मानदेय बढ़ाने, वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और बढ़ती आबादी को देखते हुए नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार जल्द कोई फैसला नहीं लेती तो आने वाले दिनों में हड़ताल और कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।



