रुड़की: किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड किसान मोर्चा ने रुड़की तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरना देते हुए स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने की अध्यक्षता सुभाष चौधरी ने की, जबकि संचालन दीपक पुंडीर ने किया। इस दौरान किसानों ने इकबालपुर चीनी मिल पर बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनका उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया गया है।
धरने के दौरान किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर रोक लगाने, सुरक्षा के नाम पर की जा रही कथित वसूली बंद करने और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसानों के ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त करने की मांग उठाई।
इसके अलावा हरिद्वार जिले के लोगों को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने और आगामी गन्ना सीजन के लिए गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग भी किसानों ने रखी।
किसान नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार और प्रशासन की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।



