रिपोर्ट: ललित जोशी
नैनीताल: सरोवर नगरी के डीएसबी परिसर में नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एंटी-ड्रग रैली और व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया।
कुलपति ने दिखाई हरी झंडी
कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मादक पदार्थ जीवन के लिए जहर के समान हैं और “ड्रग इंसान के लिए अभिशाप है।”
छात्रों ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प
डीएसबी कॉलेज के निदेशक डॉ. ललित तिवारी ने विद्यार्थियों को एंटी-ड्रग शपथ दिलाई। रैली डीएसडब्ल्यू कार्यालय से शुरू होकर न्यू आर्ट्स, ओल्ड आर्ट्स और जूलॉजी विभाग होते हुए आर्ट्स ऑडिटोरियम तक पहुंची।
इस दौरान परिसर “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “नशा को ना, जिंदगी को हां” और “नशा हटाओ, भविष्य बचाओ” जैसे नारों से गूंज उठा।
विशेष अतिथियों ने किया संबोधित
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर रिटायर्ड कर्नल अजय जोशी और तल्लीताल थाना के एसओ मनोज नयाल को सम्मानित किया गया।
- कर्नल जोशी ने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए आत्म-जागरूकता बेहद जरूरी है।
- एसओ मनोज नयाल ने बताया कि नशा धीरे-धीरे लत बनकर जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर देता है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर की चेतावनी
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि मादक पदार्थ मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को कमजोर करते हैं, जिससे मानसिक विकार, व्यवहार में बदलाव और याददाश्त पर बुरा असर पड़ता है।
यूजीसी के निर्देशों के तहत आयोजन
डीएसडब्ल्यू डॉ. संजय पंत ने बताया कि एंटी-ड्रग जागरूकता कार्यक्रम University Grants Commission (UGC) के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय दिवस का भी उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि हर साल 26 जून को मादक पदार्थों के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
बड़ी संख्या में रही सहभागिता
कार्यक्रम में कई शिक्षकों, अधिकारियों और छात्रों ने भाग लिया। अंत में कुलगीत और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


