रुड़की के भगवानपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ‘सम्राट कॉम्प्लेक्स’ नामक एक इमारत को तीन बार सील किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और अब पूरी बिल्डिंग तैयार हो चुकी है।
सील के बावजूद चलता रहा निर्माण
मामले के अनुसार, संबंधित विभाग द्वारा इस निर्माणाधीन बिल्डिंग पर एक-दो नहीं, बल्कि तीन बार सीलिंग की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद न तो निर्माण रुका और न ही प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम उठाया।स्थानीय स्तर पर यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
रिटायर्ड फौजी ने खोली पोल
इस पूरे मामले का खुलासा एक रिटायर्ड फौजी द्वारा किया गया है, जिन्होंने विभाग और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने HRDA (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) और शासन स्तर तक कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भ्रष्टाचार के आरोप और जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि संभावित भ्रष्टाचार का प्रतीक है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस अवैध निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
इस घटना ने HRDA के फील्ड अधिकारियों, खासकर जूनियर इंजीनियर (JE) और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।सबसे बड़ा सवाल यही है कि सील के बावजूद निर्माण कार्य कैसे जारी रहा और क्या अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी?
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की परीक्षा
मुख्यमंत्री की ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ नीति के बीच यह मामला सरकार के दावों की परीक्षा बन गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस अवैध निर्माण पर क्या कार्रवाई करता है—क्या वास्तव में सख्ती दिखाई जाएगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।


