देहरादून में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। बीजेपी विधायक आशा नौटियाल ने विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, पर तीखा हमला बोला है।
आशा नौटियाल ने कहा कि वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करती हैं, जिन्होंने महिला आरक्षण बिल को विशेष सत्र के माध्यम से पेश कर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। उनके अनुसार, यह अधिनियम देश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा में इस बिल को लेकर पार्टी का रवैया नकारात्मक रहा। कांग्रेस ने अपने “चाल, चरित्र और चेहरे” को उजागर करते हुए महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई। नौटियाल ने यह भी कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस महिलाओं को उनका हक दिलाने में विफल रही और उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।
बीजेपी विधायक ने आगे आरोप लगाया कि जब इस बिल पर समर्थन की आवश्यकता थी, तब कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने विरोध का रुख अपनाया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह देवभूमि वीरांगना तीलू रौतेली और गौरा देवी जैसी महान महिलाओं की भूमि रही है। यहां की मातृशक्ति इस तरह के व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आने वाले दिनों में प्रदेश और देश की राजनीति में और अधिक गर्माहट देखने को मिल सकती है।


