रिपोर्टर: अरशद हुसैन
रुड़की: भीषण गर्मी के बीच बढ़ती बिजली खपत और ओवरलोड की समस्या से निपटने के लिए ऊर्जा विभाग ने बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलौर क्षेत्र में विजिलेंस और उपखंड मंगलौर की संयुक्त टीम ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें 20 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई।
छापेमारी के दौरान सीमलोनी, खोखरा कुआं, गाढ़ा कॉलोनी और पठानपुरा क्षेत्रों में सघन जांच की गई। टीम के पहुंचते ही बिजली चोरी कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। कई घरों में लोगों ने आनन-फानन में पोल से डाली गई अवैध केबलों को हटाने की कोशिश की, लेकिन विभागीय टीम ने मौके पर ही चोरी के मामलों को पकड़ लिया।
जांच में सामने आया कि कई घरों में सीधे बिजली के पोल से कटिया डालकर अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया जा रहा था। हैरानी की बात यह रही कि चोरी की बिजली से एसी और हीटर जैसे अधिक बिजली खपत वाले उपकरण धड़ल्ले से चलाए जा रहे थे।
ऊर्जा विभाग ने सभी 20 आरोपियों के खिलाफ विद्युत चोरी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उपखंड अधिकारी (एसडीओ) अनुभव सैनी ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। विभाग 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, लेकिन बिजली चोरी के कारण फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विजिलेंस टीम के साथ मिलकर आगे भी ऐसे सघन अभियान जारी रहेंगे और बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीओ अनुभव सैनी ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि बिजली का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें। सभी विद्युत उपकरणों को एक साथ चलाने से बचें तथा शाम के पीक आवर्स में एसी और कूलर का सीमित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के सहयोग से ही क्षेत्र में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है।



