सेवा, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम
देहरादून में मां कालिंका सेवा समिति के 8वें वार्षिकोत्सव का आयोजन इस बार बेहद भव्य और श्रद्धा से परिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में सेवा, संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मां कालिका के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे।
लाल और सफेद रंग के कपड़ों, आकर्षक सजावट और झूमरों से सजे भव्य पंडाल ने पूरे वातावरण को दिव्य और मनमोहक बना दिया।
मां की आरती से हुआ शुभारंभ, गूंजे जयकारे
कार्यक्रम की शुरुआत मां कालिका की विधिवत आरती और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया, जब जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने मंच संभाला।
उन्होंने मां का जागर प्रस्तुत कर पूरे पंडाल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। जैसे ही जागर की धुनें गूंजीं, श्रद्धालु भी भावविभोर होकर “जय मां कालिका” के जयकारे लगाने लगे और पूरा माहौल भक्ति रस में डूब गया।
भक्तों की बढ़ती आस्था और आयोजन की भव्यता
मां कालिका देव डोली के पीठाधीश परमजीत नेगी ने इस अवसर पर उपस्थित सभी भक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि समिति का उद्देश्य यही है कि मां भगवती का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और हर भक्त के जीवन से कष्ट दूर हों।
हर वर्ष बढ़ रहा श्रद्धालुओं का उत्साह
आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भक्तों ने मां कालिका के दर्शन कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पूरा पंडाल देर शाम तक भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजता रहा।



